शनिवार, 20 अक्तूबर 2012

कंजंक्टिवाईटिस है दुनिया को


एक छोटा सा परिचय .... इस नज़्म से बेहतर और क्या !

विश्व दीपक 

कंजंक्टिवाईटिस है दुनिया को

उधर मत ताकना,
कंजंक्टिवाईटिस (conjunctivitis) है दुनिया को..

आँखें छोटी किए
बुन रही है 
अपनी सहुलियत से हीं
रास्ता, रोड़े, रंग, रोशनी, रूह, रिश्ते... सब कुछ...

देख रही है
अपने हिसाब से हीं
तुझमें तुझे, मुझमें मुझे...

देख रही है 
अभी तुझे हीं... आँखें लाल किए..


उधर मत ताकना,
बरगला लेगी तुझे भी;
बना लेगी
तुझे भी..खुद-सा हीं....

11 टिप्‍पणियां:

  1. देख रही है
    अपने हिसाब से हीं
    तुझमें तुझे, मुझमें मुझे........

    बरगला लेगी तुझे भी;
    बना लेगी
    तुझे भी..खुद-सा हीं....

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  2. चलिए कोई तो सही पहचाना ....

    सही कहा आपने ....

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  3. देख रही है
    अपने हिसाब से हीं
    तुझमें तुझे, मुझमें मुझे...
    बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ... आभार आपका इसे पढ़वाने के लिए

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