समय के जाने कितने कदम हैं , कितना कुछ अनुकरणीय , प्रशंसनीय .... कोई एक ईंट , कोई एक खम्भा न ईमारत को नाम देता है , न पहचान , न स्थायित्व .
ब्लॉग ब्लॉगर ब्लॉग की दुनिया - यह एक खान है हीरे की , समय दो , बेशकीमती , नायाब हीरे मिलेंगे .सबकी अपनी पहचान , अपना रुतबा - अपने आप में
भारत रत्न !
अपने इस ब्लॉग में बेशकीमती रत्नों से मैं मिलूंगी , मिलाऊँगी --- यूँ कहें , यह ब्लॉग नहीं एक घर है - जो तोड़े से न टूटे , एक एक रचनाएँ और रचनाकार
सृष्टिकर्ता के वियोग से बने हैं .... तब जाकर एक मुस्कान बनी है .
एक संवेदनशील, भावुक और न्यायप्रिय महिला हूँ । अपने स्तर पर अपने आस पास के लोगों के जीवन में खुशियाँ जोड़ने की यथासम्भव कोशिश में जुटे रहना मुझे अच्छा लगता है ।
ओ नन्हें से परिंदे अभी मुझे तुमसे बहुत कुछ सीखना है ! बहुत ही प्रेरक भाव हैं इस अभिव्यक्ति के ... उत्कृष्ट रचना चयन के लिए आपका आभार ... साधना जी को बधाई
ओ नन्हें से परिंदे अभी
जवाब देंहटाएंमुझे तुमसे बहुत कुछ सीखना है !
बहुत ही प्रेरक भाव हैं इस अभिव्यक्ति के ... उत्कृष्ट रचना चयन के लिए आपका आभार ... साधना जी को बधाई
ओ नन्हें से परिंदे अभी
जवाब देंहटाएंमुझे भी तुमसे बहुत कुछ सीखना है !
दिल को छू गई कविता .... !!
बहुत प्यारी रचना.....
जवाब देंहटाएंसाधना जी को पढ़ना हमेशा से एक सुखद अनुभव है...
आभार रश्मि दी.
परिंदे हमें वाकई बहुत कुछ सिखाते हैं...
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी रचना...
प्रस्तुति के लिए आभार !!
हर सुबह तल्लीन हो तुम
जवाब देंहटाएंउतने ही मधुर,
उतने ही जीवनदायी,
उतने ही प्रेरक गीत
गा लेते हो !
बहुत ही सुन्दर...........
बहुत बहुत धन्यवाद रश्मिप्रभा जी मेरी रचना के चयन के लिए ! आभारी हूँ आप सदा मुझे याद रखती हैं ! एक बार पुन: आपका धन्यवाद !
जवाब देंहटाएं्बहुत खूब
जवाब देंहटाएंबहुत खूबसूरत मन के भाव ...
जवाब देंहटाएंवाह बहुत खूब ...
जवाब देंहटाएंइस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - दा शो मस्ट गो ऑन ... ब्लॉग बुलेटिन
नन्हे परिंदे भी बड़ी बाते सिखा देते हैं !
जवाब देंहटाएंअच्छी रचना...
जवाब देंहटाएंप्रस्तुति के लिए आभार !!